संघ के द्वितीय सरसंघचालक प.पू.माधव सदाशिव गोलवलकर(1906-73)
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से Msc प्राणी शास्त्र में पढाई की, वहीं मतस्य विभाग में प्राध्यापक के रूप में कार्य किया। विवेकानंद के गुरु भाई स्वामी अखंडानंद जी से संन्यास की दीक्षा प्राप्त की व संघ कार्य हेतु जीवन समर्पित कर दिया।
33 वर्षों (1940-73) तक सरसंघचालक रहे। इस दौरान 65 बार पूरे देश का भ्रमण किया।
प.पू. श्रीगुरूजी के चरणो में शत शत नमन...!!!
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