Friday, September 4, 2015

अखंड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम
            गत १४-१५ अगस्त को हरियाणा प्रान्त में अखंड भारत संकल्प दिवस के कार्यक्रम सम्पन हुए जिसमे कॉलेज विद्याथियों व युवाओं ने उत्साह के साथ भागीदारी की |हरियाणा प्रान्त के प्रान्त कार्यवाह श्री देवप्रसाद जी भारद्वाज जी ने  फरीदाबाद के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि १९४७ में हुआ देश का विभाजन २४वां विभाजन था, गत १२५ वर्षों में लगभग ६०% भारत भूमि हमने खोई है, ऐसा क्यों हुआ इसका चिंतन प्रत्येक देशभक्त युवा को करना चाहिए | अपने समाज में व्याप्त कमजोरियों के कारण से हम गुलाम हुए , फिर विभाजित हुए | देश की युवा शक्ति संघटित होकर देश को फिर से एक कर सकती है | सह प्रान्त कार्यवाह श्री प्रताप जी ने कहा कि सांस्कृतिक भारत कि सीमायें अनंत थी, विश्व के प्रत्येक भाग में आज भी हिंदू संस्कृति के चिन्ह दिखाई देते हैं | अपने सर्वे भवन्तु सुखिनः के विचार तथा उसी के अनुरूप व्यवहार से भारत विश्व गुरु था | आज उसी विचार से हम फिर से अपने भारत को अखंड कर सकते हैं | अखंड भारत केवल मात्र सपना नहीं, श्रद्धा है, निष्ठा है, और इससे भी बढ़कर संकल्प है |
      कैथल के कार्यक्रम में सह प्रान्त प्रचारक श्री विजय जी ने कहा कि भारत विभाजन विश्व कि एक बढ़ी दुखांत त्रासदी थी, यह आस्थाओं, आकांक्षाओं का सबसे बड़ा विश्वासघात था |कुछ नेताओं ने अपनी सत्तालालसा के कारण ४० करोड़ लोगों के भविष्य को खतरे में डाल दिया | अगर हम संघर्ष करते, तो भी इतना कत्लेआम नहीं होता | करनाल के कार्यक्रम में प्रांत कॉलेज विद्यार्थी प्रमुख श्री राजेश जी ने कहा कि धूर्त अंग्रेजो की फूट डालो व राज करो कि नीति; संकीर्ण, हिंदू विरोध पर खड़ी मुस्लिम लीग; मुस्लिम तुष्टिकरण में लिप्त, सत्ता पिपासु कांग्रेस नेतृत्व तथा असंगठित हिंदू समाज इन चार तत्वों ने मिलकर भारत माता के टुकड़े- टुकड़े कर दिए | विश्व के ऐतिहासिक अनुभव है कि किसी भी देश का विभाजन स्थाई नहीं होता, जर्मनी का एकीकरण , वियतनाम का एकीकरण इसका उदहारण है | किसी भी देश कि संगठित, जागृत व संकल्पित युवा शक्ति दुनिया का इतिहास और भूगोल दोनों बदल सकती है |

इसी प्रकार के  कार्यक्रम प्रांत भर में २१ जिलों के ११५ स्थानों पर आयोजित किए गए | जिसमे कुल ७८०९ युवाओं ने भाग लिया जिसमे ५०३७ कॉलेज विद्यार्थिओं ने भाग लिया | शारीरिक प्रतियोगिताएं, अखंड भारत का मानचित्र बनाकर दीप प्रज्वलन, अखंड भारत कि परिक्रमा करते हुए संकल्प, भारत माता कि आरती, उद्बोधन आदि कार्यकर्मों से स्वयंसेवक प्रेरणा व संकल्प लेकर अपने अपने घरों को गए.

Thursday, January 29, 2015

Shivir ke Janvari Maas ke Charan !


जिला सक्रिय केंद्र प्रमुख अभ्यास वर्ग - संकलन (24-25-26 जन 2015)
जिला-अपेक्षित-उपस्थित-सक्रिय केंद्र प्रतिनिधित्व
पंचकूला-94-56-14
अम्बाला-80-37-12
य.नगर-95-80-10
जगाधरी-131-80-10
कुरुक्षेत्र-66-51-12
कैथल-55,-41-12
करनाल-98-39-15
पानीपत-111-68-23
सोनीपत-55-34-14
जींद-105-80-7
रोहतक-95-72-23
झज्जर-120-59-2 part
फरीदाबाद-120-80-27
पलवल-35-29-13
नूंह-54-40-13
गुरुग्राम-42-35-11
रेवाड़ी-72-59-11
म.गढ़-41-24-10
भिवानी-87-33-18
हिसार-57-25-10
फतेहाबाद-47-21-8
सिरसा-58-45-11
योग-1718-1088-290



तरुणोदय-2015 शिविर शुल्क संग्रह प्रारम्भ (23 Jan 2015)
Panchkula 98
Amb 71
Ymngr 52
Jgdhri 128
Kkr 32
Ktl 43
Knl 53
Pnp 80
Snp 51
Jnd 46
Rhtk 110
Jhjjr 54
Frdbd 145
Plwl-NA
Nuh 65
Ggn 126
Rwri 151
M/garh 106
Bhwni 136
Hsr 81
Ftbd 30
Srsa 50
Kul 1708